North Eastern Indira Gandhi Regional Institute of Health & Medical Sciences (NEIGRIHMS) में नर्सों की भर्ती में 80:20 महिला-पुरुष अनुपात लागू करने की मांग को लेकर नया मोड़ आया है।
राज्यसभा सांसद Dr. W.R. Kharlukhi ने मंगलवार को इस मामले को केंद्र सरकार के सामने उठाने का आश्वासन दिया है। 🙌
🗣️ Dr. Kharlukhi बोले – “AIIMS ने भी लागू किया, NEIGRIHMS क्यों नहीं?”
Dr. Kharlukhi ने बताया कि उन्होंने Hynniewtrep Youth Council (HYC) के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की, जिसने इस मुद्दे को उनके सामने उठाया।
उन्होंने कहा,
“मैंने उन्हें कहा कि मैं बाकी तीन MPs से भी बात करूंगा और इस विषय को केंद्र सरकार के साथ उठाऊंगा।
NEIGRIHMS की भर्ती नीति में 80:20 Female-Male ratio लागू करने की बात की जा रही है।
अगर AIIMS और अन्य मेडिकल कॉलेज ऐसा कर सकते हैं, तो NEIGRIHMS क्यों नहीं?”
💬 HYC का बयान – “हम चाहते हैं समान नीति पूरे देश में लागू हो”
HYC के अध्यक्ष Roy Kupar Synrem ने मीडिया से कहा कि उन्होंने सांसद से अनुरोध किया है कि वो इस मामले को Health Ministry के साथ उठाएं ताकि NEIGRIHMS में भी 80:20 female-male ratio लागू हो सके।
उन्होंने कहा,
“अगर AIIMS में ये नियम लागू है, तो NEIGRIHMS में क्यों नहीं? हमने सभी दस्तावेज सांसद को सौंपे हैं और उनसे अनुरोध किया है कि इस मुद्दे को गंभीरता से लें ताकि भर्ती प्रक्रिया में किसी उम्मीदवार को नुकसान न हो और संस्थान का वातावरण बेहतर रहे।”
📄 Background: मामला शुरू कैसे हुआ?
NEIGRIHMS ने 22 जनवरी 2025 को जारी एक विज्ञापन में 105 Nursing Officer पदों के लिए आवेदन मांगे थे।
लेकिन उस विज्ञापन में female-male ratio का कोई उल्लेख नहीं था।
HYC के अनुसार, NEIGRIHMS ने पहले 9 जुलाई 2024 को Ministry of Health & Family Welfare को पत्र भेजा था, जिसमें AIIMS, ESIC Hospitals और JIPMER की तरह 80% महिला और 20% पुरुष नर्सों की भर्ती नीति लागू करने की अनुमति मांगी गई थी।
लेकिन मंत्रालय ने 8 अगस्त 2024 को जवाब दिया कि
“NEIGRIHMS को AIIMS, New Delhi की तरह 80:20 Female:Male ratio अपनाने की सलाह नहीं दी जाती।”
⚖️ इससे क्या असर पड़ा?
HYC के अनुसार, मंत्रालय की यह सलाह NEIGRIHMS प्रशासन और मरीजों दोनों के लिए निराशाजनक रही।
क्योंकि 40 विभागों में से केवल 3 ही ऐसे हैं जो male wards हैं।
इसलिए संस्थान में महिला नर्सों की अधिक आवश्यकता है।
👩⚕️ क्यों जरूरी है 80:20 Ratio?
| कारण | विवरण |
|---|---|
| 👩⚕️ ज़्यादातर वॉर्ड्स में महिला मरीज | NEIGRIHMS में ज्यादातर वॉर्ड महिला मरीजों के लिए हैं, इसलिए महिला नर्सों की जरूरत ज्यादा है। |
| 🏥 AIIMS और JIPMER में नीति पहले से लागू | इन बड़े संस्थानों ने पहले ही 80:20 नीति अपनाई है, जिससे महिलाओं को अवसर बढ़ा है। |
| 💼 समान अवसर और संतुलन | यह नीति महिला नर्सों को अधिक रोजगार देने और वर्क एनवायरनमेंट बेहतर बनाने में मदद करती है। |
🗳️ आगे क्या होगा?
Dr. Kharlukhi ने आश्वासन दिया है कि वे इस मुद्दे पर अन्य सांसदों के साथ मिलकर चर्चा करेंगे और केंद्र सरकार के सामने 80:20 नीति लागू करने की मांग उठाएंगे।
HYC ने भी कहा है कि वे तब तक इस मुद्दे पर शांत नहीं बैठेंगे जब तक Ministry of Health NEIGRIHMS को इस नीति को अपनाने की अनुमति नहीं देती।